श्रद्धा से किया गया कर्म
श्राद्ध का आधार श्रद्धा, कृतज्ञता और पूर्वजों का स्मरण है। तिथि और कुल परंपरा के अनुसार तर्पण, पिंडदान या ब्राह्मण भोजन की व्यवस्था की जाती है।
स्थान और तिथि
कुछ कर्म घर पर, कुछ तीर्थ स्थान पर और कुछ विशेष तिथि पर किए जाते हैं। उचित विधि के लिए पहले चर्चा करें।
ध्यान दें
यह लेख सामान्य धार्मिक जानकारी के लिए है। व्यक्तिगत विधि, मुहूर्त और सामग्री परिवार की परिस्थिति के अनुसार बदल सकती है।